'अनीस' मख़मल ओ दीबा से क्या फ़क़ीरों को इसी ज़मीन को हम फ़र्श-ए-ख़्वाब समझे हैं

“What care have mendicants for velvet and silk brocade, O Anis? We have deemed this bare earth to be our carpet of dreams.”

— मीर अनीस
अर्थ

ऐ अनीस, फ़क़ीरों को मख़मल और रेशम से क्या सरोकार? हमने तो इसी ज़मीन को अपने सोने का बिछौना मान लिया है।

विस्तार

इस शेर में मीर अनीस रूहानी बेनियाज़ी और सादगी की ख़ूबसूरती बयान करते हैं। मख़मल और रेशम जैसी कीमती चीज़ें उन लोगों के लिए हैं जो दुनियावी शान-ओ-शौकत के पीछे भागते हैं, जबकि फ़क़ीरी मिज़ाज रखने वालों के लिए यही नंगी ज़मीन सुकून की नींद और ख़्वाबों का बिछौना बन जाती है। यह शेर हमें सिखाता है कि असली आराम बाहरी विलासिता में नहीं, बल्कि मन के आंतरिक संतोष और विनम्रता में है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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