मिरा राज़-ए-दिल आश्कारा नहीं वो दरिया हूँ जिस का किनारा नहीं

“The secret of my heart is not laid bare; I am a river that knows no shore.”

— मीर अनीस
अर्थ

मेरे दिल का राज़ किसी पर ज़ाहिर नहीं है; मैं एक ऐसा दरिया हूँ जिसका कोई किनारा नहीं है।

विस्तार

शायर अपने दिल की गहराइयों को बयां करते हुए कहते हैं कि उनके अंदर के जज़्बात इतने गहरे हैं कि वे आसानी से ज़ाहिर नहीं हो सकते। उन्होंने खुद को एक ऐसे दरिया की तरह देखा है जिसका कोई किनारा ही नहीं, यानी उनका दर्द और मोहब्बत बिल्कुल असीम हैं। यह शेर बड़ी सादगी से यह समझाता है कि इंसान के कुछ अहसास इतने अथाह होते हैं कि उन्हें किसी दायरे या लफ़्ज़ों में बाँधना नामुमकिन है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.