“O God, let him not understand life in his old age,Who has spent his youth in arrogance.”
ऐ खुदा, उसे बुढ़ापे में जीवन की समझ न दे, जिसने अपनी जवानी घमंड में बिताई हो।
यह शेर हमें जवानी के सही मायने समझाता है। शायर कहते हैं कि हे खुदा, उस जीवन को बुढ़ापे में भी जीवन मत समझना, जिसने अपनी जवानी घमंड और अहंकार में बिता दी हो। इसका अर्थ है कि अगर हमने अपनी युवावस्था सिर्फ अभिमान में गंवा दी, तो बुढ़ापे तक पहुँचकर भी हमें जीवन का असली सुख और संतोष नहीं मिल पाता। यह हमें अपनी युवावस्था को विनम्रता और समझदारी से जीने की प्रेरणा देता है, ताकि हम जीवन के हर पड़ाव पर सच्ची खुशी और पूर्णता महसूस कर सकें।
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