“When someone spoke to my beloved of love, they merely said: 'Futile is any mention of that dust-headed wretch.'”
जब किसी ने महबूब के सामने इश्क़ का ज़िक्र किया, तो उसने कहा कि उस धूल भरे सिर वाले (बदहाल) आशिक़ की बात करना बिल्कुल व्यर्थ है।
इस शेर में महबूब की बेरुखी और आशिक़ की ख़ाकसार हालत का बेहद दर्दनाक मंज़र है। जब किसी ने महबूब के सामने इश्क़ की बात छेड़ी, तो उसने बेपरवाही से झिड़क दिया कि उस दर-ब-दर भटकते, धूल फांकते दीवाने का ज़िक्र करना ही बेकार है। पर इस बेरुखी में भी एक अजीब सी गहराई छुपी है—इश्क़ का नाम आते ही महबूब को बिना किसी नाम के सीधे उसी आशिक़ का ख़याल आ जाता है।
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