इस से ज़्यादा कोई ख़सारत है हाथ अपने से इश्क़ को देना

“Could there be any loss greater than this—to surrender love with one's very own hands?”

— ख़्वाजा रुक्नुद्दीन इश्क़
अर्थ

क्या इससे बड़ा भी कोई नुकसान हो सकता है कि इंसान अपने ही हाथों से अपने प्यार को खो दे या गँवा दे?

विस्तार

यह शेर आत्मग्लानि और जीवन के सबसे बड़े पछतावे की दास्तान बयां करता है। जब मोहब्बत हालात या क़िस्मत की वजह से छूटती है तो दिल को एक तसल्ली रहती है, लेकिन अपने ही हाथों से उसे छोड़ देना या गंवा देना इंसान को भीतर से तोड़ देता है। शायर का मानना है कि दुनिया में इससे बड़ा कोई नुकसान नहीं हो सकता कि कोई अपनी सबसे अनमोल दौलत खुद ही खो दे।

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