जिस की नज़र इश्क़ के ऊपर पड़ी चश्म के तईं अपनी वो तर कर गया

“Whosoever happened to cast their gaze upon love, left their own eyes forever drenched in tears.”

— ख़्वाजा रुक्नुद्दीन इश्क़
अर्थ

जिस किसी की नज़र भी इश्क़ पर पड़ी, उसने अपनी आँखों को आँसुओं से तर (गीला) कर लिया।

विस्तार

इस शेर में शायर इश्क़ की उस हक़ीक़त को बड़ी सादगी से बयान करते हैं, जहाँ मोहब्बत और आँसुओं का गहरा नाता है। उनका कहना है कि जिसने भी ज़रा ठहरकर इश्क़ को देखा या महसूस किया, उसकी आँखें हमेशा के लिए नम हो गईं। यह शेर हमें समझाता है कि इश्क़ का दीदार कोई आसान तमाशा नहीं है; इसकी पहली नज़र ही दिल को पिघलाकर पलकों को भीगा देती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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