“Build my grave, and there let another lie! Where I am buried, do not scatter any flowers.”
मेरी कब्र बनाओ और वहाँ किसी और को सुलाओ। जहाँ मुझे दफनाया जाए, वहाँ कोई फूल मत बिखेरना।
यह दोहा मृत्यु में परम सादगी और विनम्रता की इच्छा को खूबसूरती से व्यक्त करता है। कवि कहते हैं कि उनकी कब्र बिना किसी दिखावे के, कहीं भी बनाई जाए, मानो वे कह रहे हों, "कोई भव्य स्मारक न बनाना या महत्वपूर्ण जगह न घेरना; मेरा विश्राम स्थल बस विनम्र सा हो।" इस भावना को दूसरी पंक्ति में उनके अनुरोध से और भी मजबूती मिलती है: "जहाँ मुझे दफनाया जाए, वहाँ कोई फूल न बिखेरना।" यह आडंबरपूर्ण रीति-रिवाजों और प्रदर्शन से बचने का एक मार्मिक निवेदन है, जिसमें भौतिक प्रदर्शन से मुक्त एक शांत और सादी विदाई की इच्छा पर जोर दिया गया है। यह एक ऐसी आत्मा को दर्शाता है जो शांत और विनम्र आराम चाहती है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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