તે કો તાનમહીં ઊંડા હૃદયના એકાગ્રતા ધારતાં, જોનારાં નયનો અને ઉર નહીં એકાગ્ર કોનાં કરે? ૯

“When one, within that melody, with heart so deep,Attains a focus, vigil doth keep,Whose eyes, beholding, whose deep soul's core,Will not be centered, longing evermore?”

— कलाપી
अर्थ

जब कोई उस तान में गहरे हृदय से एकाग्रता धारण करता है, तो देखने वाले के नयन और हृदय किसकी एकाग्रता नहीं करेंगे?

विस्तार

यह दोहा गहरी एकाग्रता की अद्भुत शक्ति का वर्णन करता है। यह पूछता है कि जब कोई व्यक्ति अपने हृदय से पूरी तरह लीन और एकाग्र होता है, तो ऐसा कौन है जो उससे प्रभावित न हो? यह बताता है कि ऐसी सच्ची लगन या कलात्मक तल्लीनता की शुद्ध तीव्रता इतनी प्रभावशाली होती है कि जो भी इसे देखता है, वह अनायास ही इसकी ओर आकर्षित हो जाता है। देखने वालों की आँखें और हृदय भी उसी गहरे ध्यान से बंध जाते हैं, उस एकाग्र ऊर्जा को प्रतिबिंबित करते हैं। यह इस बारे में है कि कैसे सच्ची निष्ठा एक अनूठा खिंचाव पैदा करती है, जिससे दूसरे भी उसी हार्दिक ऊर्जा के साथ जुड़ जाते हैं।

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