“The world, father, mother, brother, friend - what all isn't precious here?With negligence, if one lays them aside, no joy can the wine cup bear.”
दुनिया, पिता, माता, भाई और दोस्त – ये सब कितने महत्वपूर्ण हैं। यदि कोई लापरवाही से इन्हें भुला देता है, तो वह सुकून से जाम नहीं पी सकता।
यह दोहा हमें हमारे रिश्तों और दुनिया के महत्व की याद दिलाता है। यह पूछता है, "हमारे पिता, माता, भाई, दोस्त और इस दुनिया ने हमें क्या-क्या नहीं दिया है?" यह बताता है कि हम उन सबके बहुत ऋणी हैं। दूसरी पंक्ति में धीरे से चेतावनी दी गई है कि हम जीवन के सुखों का आनंद, जिसे 'जाम पीना' कहा गया है, तब तक नहीं ले सकते जब तक हम इन महत्वपूर्ण रिश्तों और जिम्मेदारियों को नज़रअंदाज़ करते रहेंगे। यह हमें उन लोगों को संजोने और उनका ध्यान रखने का संदेश देता है, जिन्होंने हमारे जीवन को आकार दिया है, क्योंकि सच्ची संतुष्टि इन्हीं संबंधों को सम्मान देने से मिलती है, उन्हें अनदेखा करने से नहीं।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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