जल ज्यों प्यारा माहरी , लोभी प्यारा दाम। माता प्यारा बारका , भगति प्यारा नाम॥ 75॥ ~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*
“Like the lovely water, the dear wealth, the mother's dear cradle, and the sweet name of devotion.”
— कबीर
अर्थ
जल की तरह प्यारा माहरी, लोभ से प्यारा दाम। माता का प्यारा बारका, और भक्ति का प्यारा नाम।
विस्तार
यह प्यारा सा दोहा हमें समझाता है कि जैसे प्यासे को पानी, लालची को धन, और माँ को अपना बच्चा प्रिय होता है, वैसे ही एक भक्त के लिए ईश्वर का नाम सबसे अनमोल होता है। कबीरदास जी यहाँ जीवन के अलग-अलग रंगों और उनमें छिपे प्रेम को बड़े सहज भाव से दिखाते हैं। वे बताते हैं कि हमारी चाहतें और हमारा प्रेम संसार की चीजों से लेकर आध्यात्मिक शांति तक, हर जगह फैला हुआ है।
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