दुर्लभ मानुष जन्म है , देह न बारम्बार। तरुवर ज्यों पत्ती झड़े , बहुरि न लागे डार॥

“A human birth is precious, it does not come again. Just as a leaf falls from a tree, it does not attach itself repeatedly.”

— कबीर
अर्थ

मानव जीवन बहुत दुर्लभ है और यह बार-बार प्राप्त नहीं होता। यह ऐसा है जैसे पेड़ से पत्ती गिर जाती है और फिर दोबारा नहीं लगती।

विस्तार

कबीर दास जी यहाँ समझा रहे हैं कि इंसान का जीवन बहुत अनमोल और दोबारा न मिलने वाला अवसर है। वे इसे पेड़ से टूटकर गिरी हुई पत्ती के समान बताते हैं, जो एक बार डाल से अलग हो जाए तो फिर कभी वापस नहीं जुड़ती। इस प्यारे से उदाहरण से वे हमें याद दिलाते हैं कि यह जीवन एक ही बार मिला है, इसलिए इसे समझदारी और नेक कामों में लगाना चाहिए। यह हमें अपने हर पल को सचेत होकर जीने की प्रेरणा देता है।

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