“If you pluck the thorny weed, plant a flower instead. For your flower is a flower, but yours is a trident (weapon).”
यदि तुम काँटे को उखाड़कर उसकी जगह फूल लगा दो। तो तुम्हारा फूल तो फूल है, पर तुम्हारा त्रिशूल (हथियार) है।
देखो, कबीर दास जी कितनी प्यारी बात कह रहे हैं! वो समझाते हैं कि अगर कोई तुम्हारे लिए मुश्किलें या कांटे बोए, तो तुम उसके लिए बदले में फूल बोओ, यानी प्रेम और अच्छाई फैलाओ। ये सिर्फ एक साधारण भलाई नहीं है, बल्कि इसमें एक गहरी बात छुपी है। वो कहते हैं कि तुम्हारा बोया हुआ फूल तुम्हें तो खुशी और शांति देगा, लेकिन जिसने तुम्हारे लिए कांटे बोए थे, उसके लिए ये फूल एक त्रिशूल जैसा तीखा और मर्मभेदी अनुभव बन जाएगा। इसका मतलब है कि तुम्हारी निस्वार्थ दया और सकारात्मकता ही इतनी शक्तिशाली है कि वह सामने वाले के बुरे इरादों को भेदकर, उसे अंदर तक बदल सकती है। कितनी अद्भुत बात है न!
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