दाया कौन पर कीजिये , का पर निर्दय होय। सांई के सब जीव है , कीरी कुंजर दोय॥ 81॥
“On whom, O Daaya, will you show such cruelty? The lives of all creatures belong to the Goddess; the elephant and the buffalo are both hers.”
— कबीर
अर्थ
हे दया! तुम किस पर ऐसा निर्दयता करोगी? सांवली (साँई) के सभी जीव हैं; हाथी और भैंसा दोनों उसके हैं।
विस्तार
कबीर दास जी इस दोहे में पूछते हैं कि हम किस पर दया करें और किस पर कठोरता दिखाएँ, जबकि सभी जीव एक ही ईश्वर के बनाए हुए हैं। वह 'कीरी' यानी चींटी और 'कुंजर' यानी हाथी का उदाहरण देकर समझाते हैं कि चाहे कोई कितना भी छोटा या बड़ा हो, सभी प्राणी उसी परम सत्ता का अंश हैं। यह हमें सिखाता है कि हमें किसी भी जीव के प्रति भेद-भाव नहीं करना चाहिए, बल्कि सब पर समान प्रेम और दया दिखानी चाहिए क्योंकि हर जीवन में वही दिव्य अंश है।
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