“Opening the curtain of the pot, He granted a sight. My playful darling, my friend of the heart.”
घट का परदा खोलकर, उसने सामने दीदार दिखाया। हे बाल सनेही सांइयाँ, तू ही अंत का यार है।
यह दोहा भीतर के पर्दों या भ्रम को हटाने की बात करता है, ताकि हमें अपने प्रिय ईश्वर का सीधा दर्शन हो सके। 'घट का परदा' दरअसल हमारे अहंकार या अज्ञानता के वे परदे हैं जो हमें उनसे दूर रखते हैं। जब ये हट जाते हैं, तो परमात्मा स्वयं को प्रकट करते हैं, बिल्कुल एक बचपन के साथी की तरह जो हमेशा से हमारे साथ रहा है और अंत तक रहेगा, हमारा सच्चा मित्र और प्रेमी।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
