रोड़ा है रहो बाट का , तजि पाषंड अभिमान। ऐसा जे जन है रहै , ताहि मिलै भगवान॥ — कबीर
“The path of life is often filled with obstacles; forsake the pride of your own inclination. Such a person who remains humble is the one who will find God.”
अर्थ
जीवन का मार्ग बाधाओं से भरा होता है, इसलिए अपनी मनमर्जी और अभिमान को त्याग दो। ऐसा विनम्र व्यक्ति ही भगवान को प्राप्त करता है।
विस्तार
कबीर दास जी इस प्यारे दोहे में हमें समझाते हैं कि जीवन का मार्ग अक्सर पत्थरों और मुश्किलों से भरा रहता है, ठीक वैसे ही जैसे कोई ऊबड़-खाबड़ रास्ता। वे कहते हैं कि इन सभी बाधाओं में सबसे बड़ा रोड़ा हमारा अपना पाखंड और घमंड है। जब हम इस झूठे अभिमान को त्याग कर विनम्रता को अपनाते हैं, तो निश्चित रूप से ईश्वर तक पहुँचने का सच्चा मार्ग मिल जाता है।
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