जीवन थैं मरिबो भलौ , जो मरि जानैं कोइ। मरनैं पहली जे मरै , जो कलि अजरावर होइ॥ 407॥
“It is better to die in life, if someone knows how to die. To die before death comes, if one is a destroyer of Kali.”
— कबीर
अर्थ
जीवन में मर जाना अच्छा है, अगर कोई मरना जानता हो। मृत्यु से पहले मर जाना, अगर कोई काली का संहारक हो।
विस्तार
यह दोहा कबीरदास जी हमें समझाते हैं कि असली मृत्यु तो जीते-जी मरना है, यानी संसारिक मोह-माया और अहंकार का त्याग कर देना। जो व्यक्ति अपनी इच्छाओं और बंधनों से पहले ही मुक्त हो जाता है, वह काल के प्रभाव से अजर-अमर हो जाता है। यह शरीर की मौत नहीं, बल्कि आत्मा का परम सत्य से मिलन है, जिससे व्यक्ति इस कलि (माया) के बंधनों से ऊपर उठ जाता है।
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