माँगन मरण समान है , मति माँगो कोई भीख। माँगन से तो मरना भला , यह सतगुरु की सीख॥

“Asking for death is the same as asking for wisdom; begging for any favor. Dying is better than begging, this is the teaching of the true Guru.”

— कबीर
अर्थ

माँगन (मांगना) और मरण (मृत्यु) समान हैं, और कोई भीख माँगो। माँगने से तो मरना ही भला है, यह सच्चे गुरु की सीख है।

विस्तार

यह दोहा हमें स्वाभिमान और आत्म-निर्भरता का गहरा पाठ सिखाता है। कबीरदास जी कहते हैं कि किसी से कुछ माँगना, चाहे वह छोटी सी चीज़ ही क्यों न हो, अपनी गरिमा को खोने जैसा है, जो मृत्यु के समान कष्टदायक हो सकता है। उनका मानना है कि भीख माँगने से तो बेहतर है कि इंसान अपने स्वाभिमान के साथ जीए या मर जाए, क्योंकि यह सच्चे गुरु की ऐसी सीख है जो हमें जीवन में कभी किसी के सामने हाथ न फैलाने की प्रेरणा देती है।

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