“What good is Kabiira sleeping? He won't wake up to worship God. When Yama takes him home, he will remain in his sheath.”
कबीरा सो रहा है, तो वह भगवान की पूजा नहीं करेगा। जब यम उसे घर ले जाएँगे, तो वह म्यान में ही पड़ा रहेगा।
कबीर दास जी यहाँ हमें झकझोर रहे हैं, पूछ रहे हैं कि भला इस आध्यात्मिक नींद में पड़े रहने से क्या मिलेगा जब तुम भगवान का नाम तक नहीं लेते? 'म्यान' का यहाँ बहुत गहरा अर्थ है; यह सिर्फ शरीर नहीं, बल्कि वो बाहरी दिखावा और भौतिक चीज़ें हैं जिनसे हम चिपके रहते हैं। कबीर कहते हैं कि जब यमराज तुम्हें अपने साथ ले जाएँगे, तो तुम्हारी आत्मा तो निकल जाएगी, और यह तुम्हारा 'म्यान' यानी नश्वर शरीर या worldly possessions यहीं पड़े रह जाएँगे। यह हमें याद दिलाता है कि असली भक्ति दिखावे में नहीं, बल्कि मन की शुद्धता और आत्मा की जागृति में है।
