“Blessed is the soul entrusted with love's sacred keep; / Long live that heart claimed as their own, then plundered deep.”
धन्य है वह जीवन जिसे प्रेम की अमानत सौंपी गई, और सलामत रहे वह दिल जिसे पहले अपना बनाया गया और फिर लूट लिया गया।
इस शेर में इश्क़ के दर्द को भी एक ख़ास नेमत और इज़्ज़त की तरह देखा गया है। शायर उस रूह को ख़ुशनसीब मानता है जिसे मुहब्बत की भारी अमानत सौंपी गई, और उस दिल के लिए दुआ करता है जिसे पहले महबूब ने अपना बनाया और फिर पूरी तरह लूट लिया। यहाँ लुट जाने का कोई शिकवा नहीं, बल्कि यह गहरा अहसास है कि इश्क़ में ख़ुद को मिटा देना भी जीने का सबसे ख़ूबसूरत अंदाज़ है।
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