“May your victory be proclaimed! Keep me fearless, oh Lord,Keep me fearless, oh Hari!”
आपकी विजय का उद्घोष हो! मुझे निर्भय रखना, हे प्रभु, मुझे निर्भय रखना, हे हरि!
यह पद भगवान हरि से की गई एक हार्दिक प्रार्थना है। इसमें विजय की कामना की गई है, और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि निर्भयता का वरदान माँगा गया है। भक्त ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वह उसे अपने प्रयासों में सफलता दिलाए और सभी चिंताओं और भयों से रक्षा करे, ताकि वह जीवन की चुनौतियों का सामना साहस और अडिग भावना के साथ कर सके। यह भक्ति की एक सुंदर अभिव्यक्ति है, जो ईश्वर की कृपा से सफलता और आंतरिक शांति दोनों की तलाश करती है।
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