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પીએ ઝેરી હવા જે દમેદમમાં, એને શાયર શું! કવિતા શું! ફૂલો અને તારલિયામાં કેમ રમે!

The one who breathes poisonous air in every moment,What is a poet to him? What is poetry? How can he revel in flowers and stars?

ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ

जो हर पल ज़हरीली हवा में साँस लेता है, उसके लिए शायर या कविता का क्या अर्थ? वह भला फूलों और तारों की सुंदरता में कैसे लीन हो सकता है?

विस्तार

यह दोहा जीवन की कठिनाइयों का मार्मिक चित्रण करता है। यह पूछता है कि जो हर साँस में 'ज़हरीली हवा' पीता है, यानी जो लगातार मुश्किलों, पीड़ा या एक विषैले माहौल से घिरा हुआ है, वह भला कैसे एक शायर हो सकता है या कविता में सांत्वना पा सकता है। यह पद सवाल करता है कि ऐसा व्यक्ति 'फूलों और तारों के बीच' कैसे खुशियाँ या प्रेरणा ढूँढ सकता है। यह बताता है कि जब जीवन एक अंतहीन संघर्ष होता है, तो कला और प्रकृति की सुंदरता या तो पहुँच से बाहर हो जाती है या अर्थहीन। यह एक कठोर वास्तविकता और रचनात्मक अभिव्यक्ति की दुनिया के बीच के गहरे अंतर को उजागर करता है, यह दर्शाता है कि मूल अस्तित्व अक्सर सौंदर्य की किसी भी प्रवृत्ति पर हावी हो जाता है।

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