सफ़ीना-ए-बर्ग-ए-गुल बना लेगा क़ाफ़िला मोर-ए-ना-तावाँ का हज़ार मौजों की हो कशाकश मगर ये दरिया से पार होगा

“A caravan will make a ship from the petal of a rose, a procession of the peacock's grace; Though it is a pond of a thousand waves, yet it will cross this river.”

— अल्लामा इक़बाल
अर्थ

फूल की पंखुड़ी से एक क़ाफ़िला गुलाब का जहाज़ बना लेगा, जो मोर की सुंदरता के जुलूस जैसा होगा; हालाँकि यह हज़ार लहरों का तालाब है, फिर भी यह इस नदी को पार कर जाएगा।

विस्तार

यह शेर सिर्फ़ एक कविता नहीं है, बल्कि ज़िंदगी का नज़रिया है। शायर कहते हैं कि हमारा सफ़र कितना भी नाज़ुक क्यों न हो—जैसे फूलों की पंखुड़ियों की नाव—लेकिन हमारा हौसला इतना मज़बूत है कि हम हज़ारों लहरों की चुनौती को पार कर जाएंगे। यह बताता है कि अगर इरादे नेक और मज़बूत हों, तो कोई भी मुश्किल हमें रोक नहीं सकती। यह इंक़लाब का नज़ारा है!

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.