करती है मुलूकीय्यत आसार-ए-जुनूँ पैदा
अल्लाह के निश्तर हैं तैमूर हो या चंगेज़
“She creates signs of madness, a mystical state, Whether it is Timur or Genghis, they are signs of Allah's might.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
यह (मलूकीय्यत) जुनून के लक्षण पैदा करती है; तैमूर या चंगेज़, ये अल्लाह की ताकत के निशान हैं।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ बादशाहत की बात नहीं करता, बल्कि सत्ता की नश्वरता को समझाता है। शायर कहते हैं कि जब इंसान को मुल्क की सत्ता मिल जाती है, तो वो जुनून और मदहोशी में आ जाता है। लेकिन.... क्या ये याद रखना ज़रूरी है? कि चाहे तैमूर हो या चंगेज़, ये सब महज़ मोमबत्ती की लौ से ज़्यादा कुछ नहीं। हर ताकत का एक वक़्त होता है, और वक़्त गुज़र जाता है।
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