ऐ रहरव-ए-फ़रज़ाना बे-जज़्ब-ए-मुसलमानी
ने राह-ए-अमल पैदा ने शाख़-ए-यक़ीं नमनाक
“O flow of wisdom, devoid of Muslim emotion, It has created the path of action and adorned the branch of certainty.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
ऐ फ़रज़ाना प्रवाह, जो मुसलमानी जज़्ब से रहित है, ने कर्म का मार्ग बनाया और यक़ीन की शाखा को सुशोभित किया।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ बातों का नहीं है, यह ज़िंदगी जीने का फ़लसफ़ा है। शायर यहाँ उस शख़्स को संबोधित कर रहे हैं जो बहुत ज्ञानी है, लेकिन शायद थोड़ा लापरवाह भी है। उनका कहना है कि ज्ञान या विश्वास सिर्फ़ दिल में रखना काफ़ी नहीं है.... इसे असल ज़िंदगी में, अपने काम (अमल) से साबित करना पड़ता है! तभी ये राहें महकती हैं।
