तिरी बंदा-परवरी से मिरे दिन गुज़र रहे हैं न गिला है दोस्तों का न शिकायत-ए-ज़माना

“My days pass by with concern for my appearance, Neither do I complain of my friends nor of the times.”

— अल्लामा इक़बाल
अर्थ

तुम्हारी सुंदरता की चिंता में मेरे दिन बीत रहे हैं। न दोस्तों से कोई शिकायत है और न ही दुनिया से कोई शिकायत।

विस्तार

यह शेर मोहब्बत की उस गहराई को बयान करता है, जहाँ महबूब का वजूद ही ज़िंदगी का सबब बन जाता है। शायर कह रहे हैं कि मेरे दिन तो सिर्फ़ तुम्हारी बंदा-परवरी से गुज़र रहे हैं। दुनिया की शिकायतें... दोस्तों का गिला... ये सब कुछ बेमानी हो जाता है। जब दिल में महबूब का इतना असर हो, तो दुनिया का कोई भी मसला हमें परेशान नहीं कर सकता। यह इश्क़ की सर्वोच्च पराकाष्ठा है!

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.