फूल हैं सहरा में या परियाँ क़तार अंदर क़तार
ऊदे ऊदे नीले नीले पीले पीले पैरहन
“Are these flowers in the desert, or fairies in a row upon a row, Flitting, flitting, in blue and yellow garments?”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
क्या ये रेगिस्तान में फूल हैं, या कतार में कतार में परियाँ हैं, जो नीले और पीले वस्त्रों में उड़ रही हैं?
विस्तार
यह शेर.... एक बहुत ही खूबसूरत, लगभग अलौकिक तस्वीर खींचता है। शायर पूछते हैं, 'क्या ये सहरे में खिले फूल हैं.... या ये परियों की कतार है, कतार?' वो उन्हें नीले और पीले रंगों में लहराते हुए, रंगीन परिधान पहने हुए बताते हैं। यह एक गहन चिंतन का क्षण है.... जो हमें सोचने पर मजबूर करता है कि क्या वास्तविक है और क्या सिर्फ एक भ्रम। शायर बताते हैं कि कभी-कभी, सबसे खूबसूरत चीज़ें.... चाहे वो प्रकृति की हों या इंसानी सुंदरता, इतनी मनमोहक होती हैं कि वे सच और सपने की सीमा को मिटा देती हैं।
