Sukhan AI
फिर चराग़-ए-लाला से रौशन हुए कोह ओ दमन
मुझ को फिर नग़्मों पे उकसाने लगा मुर्ग़-ए-चमन

With the radiance from the jasmine lamp, the mountain and the hills were lit, The peacock again started provoking me with its melodies.

अल्लामा इक़बाल
अर्थ

लाला के दीपक से प्रकाशित हुए पहाड़ और टीले, और बगीचे का मोर फिर से मुझे अपने गीतों से उकसाने लगा।

विस्तार

यह शेर एक ऐसे पल का वर्णन करता है, जब माहौल बहुत शांत और खूबसूरत हो जाता है। लाला के दीये से सब कुछ रौशन है, और सब कुछ बहुत सुकून भरा है। लेकिन तभी, बाग़ का मोर फिर से अपनी मधुर तान छेड़ता है। यह तान शायर को फिर से भावनाओं के गहरे सागर में डुबो देती है! यह बताता है कि शांति के बावजूद, कला या मोहब्बत की बेचैनी कभी ख़त्म नहीं होती।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.