“The messenger of yours revealed every secret, What fault was there in the state of your beloved?”
आपके संदेशवाहक ने सारे रहस्य खोल दिए, तो इसमें आपके प्रियजन की स्थिति में क्या गलती थी।
यह शेर हमें अपनी सच्चाई और नियति के बारे में सोचने पर मजबूर करता है। शायर कहते हैं कि जब कोई बाहरी शक्ति, कोई पयामी, हमारे सारे राज़ खोल देती है, तो इसमें हमारी कोई गलती नहीं होनी चाहिए। वह सवाल करते हैं कि इस इंसान की अपनी ज़िन्दगी को गुजारने में, अपनी 'सरकार' चलाने में, क्या कोई कमी थी? यह स्वीकार करने की बात है कि हम जैसे हैं, वैसे ही ठीक हैं।
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