खो न जा इस सहर ओ शाम में ऐ साहिब-ए-होश
इक जहाँ और भी है जिस में न फ़र्दा है न दोश
“Don't get lost in this dawn and dusk, O master of consciousness, There is another world where there is no tomorrow and no fault.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
इस सुबह और शाम में मत खो जाना, ऐ होश के मालिक। एक और दुनिया है जहाँ न कल है और न दोष।
विस्तार
यह शेर सिर्फ समय की बात नहीं करता, यह तो जीवन के चक्रों से मुक्ति का संदेश है। शायर कहते हैं कि हमें न सुबह में खोना है और न शाम में। क्यों? क्योंकि एक ऐसी अवस्था है.... एक ऐसा जहाँ है, जहाँ न कल की चिंता है और न बीती बातों का कोई दोष। यह तो रूह को आज़ाद करने का आह्वान है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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