ऐ मुसलमाँ अपने दिल से पूछ मुल्ला से न पूछ
हो गया अल्लाह के बंदों से क्यूँ ख़ाली हरम
“O Muslim, ask your heart, do not ask the Mualla; why is the sanctuary empty of God's servants?”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
ऐ मुसलमाँ, अपने दिल से पूछ, मुल्ला से न पूछ; हो गया अल्लाह के बंदों से क्यूँ ख़ाली हरम। (अर्थ: हे मुस्लिम, अपने दिल में झाँककर पूछो, और मुल्लाओं से नहीं; क्यों अल्लाह के बंदों से खाली हो गया यह पवित्र स्थान।)
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ एक सलाह नहीं है, बल्कि एक आईना है। शायर हमें सिखाते हैं कि ज़िंदगी के सबसे बड़े सवालों का जवाब हमें किताबों या किसी पंडित से नहीं, बल्कि अपने दिल में खोजना चाहिए। यह एक गहरा तंज है... कि जब आस्था केवल दिखावा रह जाए, तो वह जगह भी वीरान हो जाएगी। यह पंक्तियाँ हमें आत्मा की आवाज़ सुनने को कहती हैं।
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