अपने राज़िक़ को न पहचाने तो मुहताज-ए-मुलूक
और पहचाने तो हैं तेरे गदा दारा ओ जम
“If you do not recognize your master, O Jam, the one who is needy of kings' favor, But recognize him, then he is your palace's beloved support.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
यदि तुम अपने मालिक को नहीं पहचानते, तो तुम राजाओं के मोहताज रहोगे; लेकिन अगर तुम उसे पहचानते हो, तो वह तुम्हारे महल का प्रिय सहारा है।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि ज़िंदगी की हक़ीक़त है। शायर हमें समझा रहे हैं कि अगर हम अपनी असली ताकत, अपने सच्चे सहारे को नहीं पहचान पाए... तो हम महज़ दुनियावी राजाओं के मोहताज बनकर रह जाएंगे। लेकिन अगर हमें अपना सच्चा सहारा मिल जाए, तो दुनियावी दौलत और शोहरत हमें कुछ नहीं लगेगी।
