इक दानिश-ए-नूरानी इक दानिश-ए-बुरहानी — अल्लामा इक़बाल

इक दानिश-ए-नूरानी इक दानिश-ए-बुरहानी है दानिश-ए-बुरहानी हैरत की फ़रावानी

“One is the knowledge of divine light, one is the knowledge of miraculous proof; the knowledge of miraculous proof is the abundance of wonder.”

— अल्लामा इक़बाल

अर्थ

एक है नूरी ज्ञान और एक है बुरहानी ज्ञान; बुरहानी ज्ञान ही है आश्चर्य की प्रचुरता।

विस्तार

यह शेर अल्लामा इकबाल साहब की गहन सोच को दर्शाता है। 'नूरानी' ज्ञान वो है जो ईश्वरीय और दिव्य होता है, जबकि 'बुरहानी' ज्ञान वह है जो तर्क और बुद्धि से प्राप्त होता है। शायर कह रहे हैं कि मनुष्य के आश्चर्य (हैरत) का स्रोत केवल दैवीय कृपा नहीं है, बल्कि हमारी अपनी तार्किक क्षमता और समझ की अपार दौलत है। यह इंसान की अदम्य शक्ति का गुणगान है।

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