जहाँ तमाम है मीरास मर्द-ए-मोमिन की
मिरे कलाम पे हुज्जत है नुक्ता-ए-लौलाक
“Where is the inheritance of the man of faith, Meera? / My poetry is proof of the point of no return.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
जहाँ तमाम है मीरास मर्द-ए-मोमिन की, मिरे कलाम पे हुज्जत है नुक्ता-ए-लौलाक। इसका अर्थ है कि जहाँ सच्चे और ईमानदार पुरुषों की विरासत है, वहीं मेरे कलाम पर उस निर्णायक बिंदु का प्रमाण है जहाँ से कोई वापसी संभव नहीं।
विस्तार
यह शेर सिर्फ़ शायरी नहीं है, यह एक घोषणा है! शायर कहते हैं कि एक सच्चे मोमिन की विरासत हर जगह फैली हुई है। और मेरे कलाम पर जो सबूत (हुज्जत) है, वो उस जगह है जहाँ तर्क या भौतिक प्रमाण ख़त्म हो जाता है—वो नुक्ता-ए-लौलाक। इसका मतलब है कि सच्चाई का आधार सिर्फ़ तर्क नहीं, बल्कि आस्था है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev7 / 7
