हर चीज़ है महव-ए-ख़ुद-नुमाई — अल्लामा इक़बाल

हर चीज़ है महव-ए-ख़ुद-नुमाई हर ज़र्रा शाहीद-ए-किब्रियाई

“Everything is adorned with self-adoration, Every particle bears witness to majesty.”

— अल्लामा इक़बाल

अर्थ

हर चीज़ में स्वयं की सुंदरता का आकर्षण है, और हर कण में भव्यता का प्रमाण दिखाई देता है।

विस्तार

यह शेर हमें एक बहुत गहरा फ़लसफ़ा सिखाता है। शायर कहते हैं कि हर चीज़ में एक अपना नशा है, एक अपना नज़राना है। जैसे हर चीज़ अपनी ख़ूबसूरती पर इतराती है, और हर कण (ज़र्ऱा) खुद की शान का गवाह है। यह एहसास दिलाता है कि इस कायनात में हर चीज़ में एक अलौकिक, अपना वजूद है!

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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