तोड़ डालेगी यही ख़ाक तिलिस्म-ए-शब-ओ-रोज़
गरचे उलझी हुई तक़दीर के पेचाक में है
“This dust will shatter the spell of day and night, Even if it is in the knot of fate's entanglement.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
यह धूल दिन और रात के जादू को तोड़ देगी, भले ही यह तकदीर के उलझे हुए पेच में हो।
विस्तार
ये शेर हमें बताता है कि जीवन में कितना भी भ्रम क्यों न हो, कितना भी उलझा हुआ लगे हमारा तकदीर का धागा, एक सच्चाई हमेशा सामने आती है। शायर कह रहे हैं कि ये 'ख़ाक' यानी साधारण वास्तविकता, रात और दिन के जादू को तोड़ देगी! यह हिम्मत और सच्चाई की जीत का संदेश है। हमें कभी भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।
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