तू ऐ मौला-ए-यसरिब आप मेरी चारासाज़ी कर
मिरी दानिश है अफ़रंगी मिरा ईमाँ है ज़ुन्नारी
“O you, Lord of Yaseerib, please solve my problem; my intellect is foreign, and my faith is of the kind of a maiden.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
हे मौला-ए-यसरिब, आप मेरी समस्या का समाधान कीजिए; मेरी समझ विदेशी है और मेरा ईमान एक कुंवारी जैसा है।
विस्तार
यह शेर असल में एक गहरे उलझन भरे मन की आवाज़ है। शायर यहां किसी आध्यात्मिक गुरु से मदद मांग रहे हैं। वो कह रहे हैं कि मेरा ज्ञान भले ही दुनियावी, पश्चिमी हो.... लेकिन मेरा ईमान, मेरी पहचान, मेरी जड़ें बहुत पुरानी और मज़बूत हैं। यह उस इंसान की पुकार है जो आधुनिकता और अपनी विरासत के बीच संतुलन बनाना चाहता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
← Prev7 / 7
