ख़ुदावंदा ये तेरे सादा-दिल बंदे किधर जाएँ
कि दरवेशी भी अय्यारी है सुल्तानी भी अय्यारी
“Oh, God-loving, simple-hearted person, where shall we go? Even dervishism is a form of flirtation, and royalty is also a form of flirtation.”
— अल्लामा इक़बाल
अर्थ
हे ईश्वर-भक्त, यह सादा-दिल बंदे कहाँ जाएँ? कि दरवेशी भी अय्यारी है और सुल्तानी भी अय्यारी।
विस्तार
यह शेर एक गहरे फ़लसफ़े को बयां करता है, एक तरह की आत्मिक उलझन। शायर कहते हैं कि ये सादा दिल वाले बंदे अब कहाँ जाएँ? उन्हें एहसास होता है कि न दरवेशी का जीवन, और न ही सुल्तान का ऐश्वर्य, कोई सच्चा ठिकाना नहीं है। यह पंक्तियाँ बताती हैं कि जब इंसान हर राह पर धोखा महसूस करे, तो उसकी बेचैनी कितनी बड़ी हो जाती है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
