शिकस्त-ए-ख़ातिर-ए-अहबाब होती हो बहुत इस से — ख़्वाजा हैदर अली आतिश

शिकस्त-ए-ख़ातिर-ए-अहबाब होती हो बहुत इस से तवज्जो में तिरी ऐ यार असर है मोमियाई का

“The hearts of friends are broken, shattered deep by this neglect of yours— For in your kind attention, O beloved, lies the healing balm's effect.”

— ख़्वाजा हैदर अली आतिश

अर्थ

दोस्तों के दिल इससे बहुत टूटते हैं; ऐ यार, तेरी तवज्जो में मोमियाई जैसा असर है जो टूटे हुए को जोड़ देता है।

विस्तार

शायर अपने प्रिय को प्यार से छेड़ रहा है। वह कहता है कि तुम्हारी तवज्जो, तुम्हारी परवाह में एक अनोखी शिफ़ा देने वाली शक्ति है। मोमियाई एक पुरानी दवा मानी जाती थी जो टूटी हड्डियों को जोड़ देती थी। इसी से वह तुम्हारी तवज्जो की तुलना इस मरहम से करता है। पर यहाँ एक मीठी विडंबना है। तुम जितना अपने दोस्तों की ओर ध्यान देते हो, उतना ही उनके दिल टूटते जाते हैं। तुम्हारी परवाह, जो जोड़ने के लिए है, किसी तरह और गहरा घाव दे जाती है। यह एक आशिक़ की कोमल शिकायत है, आधी गंभीर और आधी शरारती, कि प्रिय की मेहरबानी ही दिल को तोड़ देती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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