दिखाया हुस्न से एजाज़-ए-मूसा किल्क-ए-क़ुदरत ने — ख़्वाजा हैदर अली आतिश
“With beauty's touch the pen of Nature wrought the miracle of Moses, Turning the henna-tipped fingers into a radiant white hand.”
अर्थ
कुदरत की कलम ने हुस्न के ज़रिए मूसा का मोजिज़ा दिखाया, और मेहँदी से रंगी उँगलियों को यद-ए-बैज़ा (चमकता सफ़ेद हाथ) बना दिया।
विस्तार
इस शेर में शायर महबूब की मेहँदी लगी उँगलियों की खूबसूरती पर हैरान है। एक पुरानी कथा है कि पैगंबर मूसा का हाथ एक चमकते, रोशन चमत्कार से दमकता था, जिसे 'यद-ए-बैज़ा' यानी रोशन सफेद हाथ कहते हैं। शायर कहता है कि कुदरत की कलम ने, यानी ईश्वर की कारीगरी ने, मूसा जैसा ही चमत्कार दिखाया, पर सिर्फ हुस्न के ज़रिए। महबूब की उँगलियों को मेहँदी से रंगकर कुदरत ने उस चमकते चमत्कारी हाथ को भी मामूली बना दिया, जैसे उसकी रोशनी चुरा ली हो। कहने का मतलब यह कि मेहँदी रची इन उँगलियों की सुंदरता उस मशहूर चमत्कार से भी बढ़कर है। यह महबूब की तारीफ़ का बेहद नाज़ुक अंदाज़ है।
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