एक आलम में हो हर-चंद मसीहा मशहूर — ख़्वाजा हैदर अली आतिश

एक आलम में हो हर-चंद मसीहा मशहूर नाम-ए-बीमार से तुमको ख़फ़क़ाँ हो कि जो था

“Though in one whole world you are renowned as a Messiah, the very name of the sick gives you palpitations, as it once did.”

— ख़्वाजा हैदर अली आतिश

अर्थ

चाहे पूरी दुनिया में तुम मसीहा के रूप में मशहूर हो, फिर भी बीमार का नाम सुनते ही तुम्हें वैसी ही घबराहट होती है जैसी पहले होती थी।

विस्तार

माशूक़ पूरी दुनिया में मसीहा के रूप में मशहूर है, जो बीमारों को जीवन देता है। मगर यहाँ एक नाज़ुक विडंबना छिपी है। हालाँकि तुम हर जगह बीमारों को शिफ़ा देने के लिए जाने जाते हो, फिर भी 'बीमार' शब्द सुनते ही तुम्हारा दिल बेचैनी और घबराहट से धड़कने लगता है, ठीक वैसे ही जैसे पहले होता था। जिसे महान मसीहा कहा जाता है, वही आशिक़ के ज़िक्र से परेशान हो उठता है। यह कोमलता से कहता है कि दिल जोड़ने की शोहरत भी शायर की अपनी बेताबी नहीं मिटाती, और शायद माशूक़ चाहने वाले से कतराता है।

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