तुम वो नाज़ुक कि ख़मोशी को फ़ुग़ाँ कहते हो
हम वो 'आजिज़ कि तग़ाफ़ुल भी सितम है हम को
“You are so delicate that you call silence a wail,we are so helpless that even your neglect is a torment to us.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
तुम इतने नाज़ुक हो कि ख़ामोशी को भी फ़ुग़ाँ समझते हो। हम इतने विवश हैं कि तुम्हारी उपेक्षा भी हमें एक सितम लगती है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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