Sukhan AI
उस बज़्म में मुझे नहीं बनती हया किए
बैठा रहा अगरचे इशारे हुआ किए

In that assembly, I couldn't manage to be modest,Though gestures were continually made to me, I kept sitting.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

उस महफ़िल में, मैं शर्म या हया नहीं कर सका। मुझे बार-बार इशारे होने के बावजूद, मैं वहीं बैठा रहा।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.