नाला-ए-ख़ूनीं वरक़-ओ-दिल गुल-ए-मज़मून-ए-शफ़क़
चमन-आरा-ए-नफ़स वहशत-ए-तन्हाई है
“My bloody lament, a page; my heart, a flower whose theme is twilight's glow;The desolation of solitude adorns the garden of my very breath.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा खूनी विलाप एक पृष्ठ है, और मेरा हृदय शफ़क़ (गोधूलि की लालिमा) के विषय वाला एक फूल है। तन्हाई की वहशत (वीरानी) मेरी साँस के चमन (बगीचे) को सजाती है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
