मिज़ा फ़र्श-ए-रह-ओ-दिल ना-तवान-ओ-आरज़ू मुज़्तर
ब-पा-ए-ख़ुफ़्ता सैर-ए-वादी-ए-पुर-ख़ार-ए-बिस्तर है
“My temper, a path's low mat, heart frail, desires ablaze,With slumbering feet, I cross a thorn-filled bed, through thorny maze.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरा स्वभाव राह की चटाई जैसा नीचा है, दिल कमज़ोर है और इच्छाएँ बेचैन हैं। सोए हुए पैरों से काँटों भरी घाटी/बिस्तर में यात्रा करना पड़ रहा है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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