'ग़ालिब' तिरा अहवाल सुना देंगे हम उन को वो सुन के बुला लें ये इजारा नहीं करते

“O Ghalib, we shall recount your plight to the beloved; yet that she calls for you upon hearing it—we make no guarantee.”

— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

हे ग़ालिब! हम तुम्हारा हाल तुम्हारे महबूब को ज़रूर सुना देंगे, लेकिन यह सुनकर वह तुम्हें बुला ही लेंगे, इस बात की हम कोई ज़िम्मेदारी या गारंटी नहीं लेते।

विस्तार

इस शेर में एक दोस्त या क़ासिद की ज़ुबानी आशिक़ की लाचारी पर हल्की सी चुटकी ली गई है। दोस्त कहता है कि वह महबूब तक ग़ालिब के दिल का हाल तो पहुँचा देगा, लेकिन 'इजारा' यानी कोई गारंटी या ठेका नहीं ले सकता कि वो पिघल कर उन्हें बुला ही लेगी। यहाँ महबूब की जानी-पहचानी बेरुख़ी और इश्क़ की बेबसी को बेहद साफ़गोई और मीठी मुस्कुराहट के साथ बयां किया गया है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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'ग़ालिब' तिरा अहवाल सुना देंगे हम उन को | Sukhan AI