शोर-ए-रुसवाई-ए-दिल देख कि यक-नाला-ए-शौक़
लाख पर्दे में छुपा पर वही उर्यां निकला
“Behold the heart's scandalous clamor: a single cry of passion,Though hidden in a million veils, still emerged utterly bare.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हृदय की बदनामी का शोर देखो कि एक वासना की पुकार, लाखों पर्दों में छिपी होने पर भी, बिल्कुल नग्न होकर सामने आ गई।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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