Sukhan AI
मैं चमन में क्या गया गोया दबिस्ताँ खुल गया
बुलबुलें सुन कर मिरे नाले ग़ज़ल-ख़्वाँ हो गईं

My presence in the garden was like the opening of a school;The nightingales, on hearing my laments, became ghazal-singers.

मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

मैं जैसे ही बाग में गया, ऐसा लगा जैसे कोई स्कूल खुल गया हो। मेरी आहें सुनकर बुलबुलें भी ग़ज़लें गाने लगीं।

विस्तार

यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.