क़ैद में याक़ूब ने ली गो न यूसुफ़ की ख़बर
लेकिन आँखें रौज़न-ए-दीवार-ए-ज़िंदाँ हो गईं
“Though Jacob in his sorrow's prison got no news of Joseph,His eyes became the windows in the prison's wall.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
यूसुफ़ के क़ैद में होने के दौरान याक़ूब को उसकी कोई ख़बर नहीं मिली, लेकिन याक़ूब की आँखें जेल की दीवार की खिड़की बन गईं।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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