“I couldn't escape the task of praising her grace; If there were just one charm, I would call it my destiny.”
मैं आपकी नाज़ुक अदाओं की प्रशंसा से बाहर नहीं आ सका। अगर यह सिर्फ एक अदा होती, तो मैं उसे अपनी क़िस्मत कह देता।
ओहदे से मद्ह-ए-नाज़ के बाहर न आ सका गर इक अदा हो तो उसे अपनी क़ज़ा कहूँ Ohde se madh-e-naaz ke baahar na aa saka, gar ik ada ho to use apni qaza kahun. मैं उसकी सुंदरता की प्रशंसा करने की ड्यूटी से बाहर नहीं आ सका। अगर उसकी सिर्फ एक अदा होती तो मैं उसे अपनी मौत कह देता। ओहदे शब्द का अर्थ है पद या ज़िम्मेदारी, और मद्ह का मतलब है प्रशंसा। क़ज़ा का अर्थ मौत या भाग्य होता है। मेरे दोस्त, ग़ालिब यहाँ एक बड़ी प्यारी उलझन की बात कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि मैं तो जैसे अपनी महबूबा की तारीफ करने की नौकरी पर तैनात हो गया हूँ। अक्सर प्रेमी कहते हैं कि उनकी एक नज़र ने हमें मार डाला। पर ग़ालिब कहते हैं कि मैं किस एक अदा को अपनी मौत का ज़िम्मेदार ठहराऊँ? वहाँ तो अदाओं का मेला लगा है। अगर महबूबा की सिर्फ एक ही अदा होती, तो मैं कह देता कि बस इसी ने मेरी जान ले ली। लेकिन उनकी तो हर बात निराली है। मैं इस तारीफ के घेरे से बाहर ही नहीं निकल पा रहा हूँ क्योंकि जैसे ही एक चीज़ की तारीफ खत्म करता हूँ, दूसरी सामने आ जाती है। यह एक ऐसी कैद है जिसमें रहने में मज़ा आता है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे आप आसमान में चमकते तारों को देख रहे हों। आप किसी एक को सबसे सुंदर कहना चाहते हैं, पर तभी दूसरा तारा और ज़्यादा चमकने लगता है। जहाँ सुंदरता की कोई सीमा न हो, वहाँ शब्द हमेशा कम पड़ जाते हैं।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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