नसीर-ए-दौलत-ओ-दीं और मुईन-ए-मिल्लत-ओ-मुल्क
बना है चर्ख़-ए-बरीं जिस के आस्ताँ के लिए
“Supporter of state and faith, and helper of nation and realm,For whose threshold, the high heavens have been created.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
जो धन और धर्म के समर्थक हैं, और राष्ट्र तथा देश के सहायक हैं। ऊँचे आसमान उसकी चौखट के लिए ही बनाए गए हैं।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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